सिक्किम की राजधानी गंगटोक से 58 किलोमीटर दूर पूर्वी सिक्किम में स्थिति यह स्थान सिक्किम जाने वाले पर्यटकों के आकर्षण के मुख्य केंद्रों में से एक है। गंगटोक से नाथुला दर्रा के रास्ते में पढ़ने वाले झरने वह झील इस सफर को और ज्यादा रोमांचित व जीवन में कभी न भूलने वाला सफर बना देते हैं।विदेशी पर्यटकों के लिए प्रतिबंधित यह क्षेत्र भारतीय पर्यटकों के लिए अनुमति के बाद ही उपलब्ध है। सोमवार को पर्यटकों के लिए बंद रहने वाला यह यह पर्यटन क्षेत्र बाकी के दोनों में घूमने के लिए आपको एक दिन पहले गंगटोक से पास बनवाना पड़ता है। समुद्र तल से 14 000 फीट से ज्यादा ऊपर होने के कारण यहां पर ऑक्सीजन लेवल काम होता है जिस कारण आपको सांस लेने में मुश्किल हो सकती हैl नाथुला दर्रा भी पुराने सिल्क रुट का हिस्सा रहा है। 1962 के भारत चीन के युद्ध से पहले यह एक महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्ग था।भारत तिब्बत के बीच होने वाले कुल व्यापार का 80% व्यापार इसी मार्ग से होता था। 1962 की लड़ाई के बाद इस मार्ग को बंद कर दिया गया था। 2006 में दोनों देशों के मध्य हुए समझौते के तहत यह मार्ग व्यापार व यात्रा के लिए फिर से खोल दिया गया है।